शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है, लेकिन कई बार आर्थिक परिस्थितियाँ इस अधिकार को पाने में बाधा बन जाती हैं। ऐसे में यदि कोई संस्था आगे बढ़कर किसी बच्चे की मदद करती है, तो वह न केवल उस बच्चे का भविष्य संवारती है, बल्कि समाज को भी एक सकारात्मक दिशा देती है।
अकोड़िया की होनहार छात्रा चाहत तिवारी की प्रेरणादायक कहानी
अकोड़िया पब्लिक स्कूल, अकोड़िया उंचाहार रायबरेली की छात्रा चाहत तिवारी एक मेधावी और मेहनती छात्रा हैं। वे अपनी पढ़ाई को पूरी लगन से जारी रखना चाहती थीं, लेकिन आर्थिक कठिनाइयों ने उनके इस सफर को मुश्किल बना दिया। पूरे वर्ष का शिक्षण शुल्क भरना उनके परिवार के लिए संभव नहीं हो पा रहा था, जिससे उनकी शिक्षा पर संकट मंडराने लगा।
बाल ऋषि फाउंडेशन बना उम्मीद की रोशनी
चाहत की इस परिस्थिति में मदद के लिए बाल ऋषि फाउंडेशन ने आगे आकर न केवल उनकी शिक्षा का पूरा खर्च उठाया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि उनकी पढ़ाई किसी भी तरह से बाधित न हो। अब चाहत बिना किसी चिंता के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगी और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।

संस्था का उद्देश्य – हर बच्चे को मिले शिक्षा का अधिकार
बाल ऋषि फाउंडेशन का मूल उद्देश्य है ऐसे असमर्थ और प्रेरणादायक बच्चों की मदद करना, जो विपरीत परिस्थितियों के बावजूद कुछ कर गुजरने का जज़्बा रखते हैं। संस्था का मानना है कि हर बच्चे का सपना अहम है, और उसे पूरा करने के लिए एक सहयोगी हाथ की आवश्यकता होती है।
निष्कर्ष:
चाहत तिवारी की कहानी हमें यह सीख देती है कि जब समाज के विभिन्न हिस्से एक-दूसरे का सहारा बनते हैं, तो हर कठिनाई को पार किया जा सकता है। बाल ऋषि फाउंडेशन का यह प्रयास न केवल चाहत के लिए, बल्कि उन सभी बच्चों के लिए प्रेरणा है, जो संघर्षों के बावजूद शिक्षा का सपना देख रहे हैं।
आइए, हम सब मिलकर ऐसे प्रयासों को समर्थन दें और एक शिक्षित, सशक्त भारत की ओर कदम बढ़ाएं।


